UPSC TOPIC → राफेल सौदा और इससे जुड़ा विवाद

राफेल डील क्या हैं।

  1. राफेल एक लड़ाकू विमान हैं।
  2. इस विमान की निर्माता कंपनी का नाम डसौल्ट हैं।
  3. डसौल्ट फ्रांस की लड़ाकू विमान बनाने वाली डिफेंस कंपनी हैं।
  4. भारतीय वायु सेना को अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए कम से कम 42 लडा़कू जहाज की जरूरत थी।
  5. 126 लड़ाकू विमान खरीदने का सबसे पहला प्रस्ताव अटल बिहारी वाजपेयी की एनडीए सरकार ने रखा था.
  6. लेकिन इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया कांग्रेस सरकार ने।
  7. रक्षा खरीद परिषद, जिसके मुखिया तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटोनी थे, ने 126 एयरक्राफ्ट की खरीद को अगस्‍त 2007 में मंजूरी दी थी।
  8. भारत ने अपनी वायुसेना को मजबूत करने के लिए वर्ष 2007 में नए लड़ाकू विमानों के लिए टेंडर जारी किया था।
  9. इस टेंडर मे अमेरिका, रूस, फ्रांस, स्वीडेन और यूरोपियन समूह ने हिस्सा लिया था।
  10. इस टेंडर मे दो लड़ाकू विमानो को भारतीय परिस्थितियो के अनुकूल पाया गया।
    1. यूरोपीय समूह का यूरोफाइटर टाइफ़ून
    2. फ्रांस का राफेल
  11. 31 जनवरी 2012 को सस्ती बोली व फील्ड ट्रायल के दौरान भारतीय परिस्थितियों और मानकों पर सबसे खरा उतरने के कारण यह टेंडर राफेल को दिया गया था।
  12. कांग्रेस सरकार ने 126 रफेल जेट खरीदने के लिए 12 अरब डॉलर की डील की थी
  13. UPA की सरकार के समय तय हुआ कि फ़्रांस की कम्पनी 18 तैयार विमान देगी।
  14. और बाकी के 108 विमान डसौल्ट भारत में हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ मिलकर बनाएगा।

भारत को राफेल डील की जरुरत क्यों पड़ी

  1. जैसा कि सभी को पता है कि भारत हमेशा से लड़ाकू विमानों की खरीद रूस से करता आ रहा है।
  2. आज भी भारत की वायुसेना में रूस में बने विमान; मिग-21, मिग-27, सुखोई-30 जैसे विमान शामिल हैं।
  3. मिग -21 और मिग-27 की दस्ते में गिरावट आई है।
  4. और उम्मीद है कि 2018 के अंत तक ये पूरी तरह से आउटडेटिड हो जायेंगे। इनकी जगह नई तकनीकी के विमानों को लाना होगा।
  5. भारतीय वायुसेना की ताकत केवल 31 स्क्वाड्रन तक सिमट गयी है।
  6. लेकिन भारत को दो मोर्चों पर युद्ध करने के लिए 2027-32 की अवधि तक कम से कम 42 स्क्वाड्रन की जरुरत होगी
  7. ध्यान रहे कि एक स्क्वाड्रन (दस्ते) में 12 से 24 के बीच विमान होते हैं।
  8. भारत को अब पांचवी पीढ़ी के विमानों की जरुरत पड़ रही है
  9. क्योंकि दुनिया के लगभग सभी देशों के पास उन्नत किस्म के लड़ाकू विमान हैं।
  10. यहाँ तक कि पाकिस्तान ने भी चीन से एडवांस्ड पीढी के विमान जेएफ-17 और अमेरिका से एफ-16 खरीद लिए हैं
  11. ऐसे में भारत अब पुरनी तकनीकी के विमानों पर ज्यादा निर्भर नहीं रह सकता है।
  12. भारत ने 1996 में सुखोई-30 के तौर पर आखिरी बार कोई लड़ाकू विमान खरीदा था।
  13. इसलिए भारत को नयी पीढ़ी के विमानों को वायुसेना में जल्दी ही शामिल करना होगा।
  14. यही कारण है कि भारत को राफेल जैसे अत्याधुनिक फाइटर विमान की सख्त जरुरत है।
  15. भारत ने 1996 में सुखोई-30 के तौर पर आखिरी बार कोई लड़ाकू विमान खरीदा था।
  16. इसलिए भारत को नयी पीढ़ी के विमानों को वायुसेना में जल्दी ही शामिल करना होगा।
  17. यही कारण है कि भारत को राफेल जैसे अत्याधुनिक फाइटर विमान की सख्त जरुरत है।

राफेल विमान के मुख्य आरोप

  1. ज्यादा कीमत मे राफेल विमान खरीदना।
  2. राफेल बनाने के लिए टेंडर HAL को न देना।
  3. राफेल विमान बनाने के लिए टेंडर अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस लिमिटेड को HAL की जगह देना।
  4. मोदी जी अनिल अंबानी की कंपनी को लाभ देने के कोसिस कर रहे हैं।

अनिल अंबानी का नाम क्यो उछला

  1. बुरी तरह कर्जे में फंसे अनिल अंबानी अप्रैल 2015 के फ्रांस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री के साथ थे.
  2. उन्होंने इस सौदे के महज 13 दिन पहले ही रिलायंस डिफेंस लिमिटेड नाम से नई कंपनी का रजिस्ट्रेशन करवाया था.
  3. खास बात ये थी कि दसॉ के साथ हुए नए करार से HAL  गायब हो चुकी थी और नई पार्टनर थी रिलायंस डिफेंस लिमिटेड.
  4. दोनों कंपनियों ने मिलकर नया वेंचर खड़ा किया, ‘दसॉ रिलायंस एरोस्पेस लिमिटेड’,
  5. जिसकी मैन्युफैक्चरिंग फेसिलिटी का निर्माण नागपुर में शुरू हो चुका है.

HAL ने क्या कहा राफेल विवाद मे

  1. सार्वजनिक क्षेत्र की हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के प्रमुख आर.माधवन ने कहा कि
  2. राफेल सौदे की शुरुआत में एचएएल राफेल विमान बनाने में सक्षम थी
  3. लेकिन मौजूदा सरकार 36 विमानों की डिलीवरी जल्द से जल्द चाहती थी,
  4. जो भारत में बनाना संभव नहीं था.
  5. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि
  6. चूंकि मौजूदा सौदे में एचएएल शामिल नहीं है
  7. इसलिए वे इस बारे में और कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते.

आइये जानते हैं किसने क्या कहा
कांग्रेस क्या कह रही हैं।

  1. राहुल ने कहा कि मोदी जी खुद ये समझौता करने पेरिस गए थे, आखिर देश को क्यों नहीं बताया जा रहा है कि डील कितने में हुई.
  2. राहुल गांधी ने कहाँ की कांग्रेस राफेल डील मोदी सरकार के द्वारा किए जा डील से सस्ती थी।

रक्षा मंत्री ने क्या कहा

  1. रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद मे बताया कि फ्रांस के साथ राफेल लड़ाकू विमान के जो सौदे हुए हैं,
  2. वह दो देशों की सरकारों के बीच का समझौता है. इसमें गुप्त सूचनाएं हैं. इसलिए सौदे से संबंधित विवरण प्रकट नहीं किए जा सकते हैं

वायु सेना अध्यक्ष ने क्या कहा

  1. वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल → बी एस धनोआ ने कहा कि
  2. यह सौदा ‘‘अच्छा पैकेज’’ है और यह विमान उपमहाद्वीप के लिए ‘‘महत्वपूर्ण’’ साबित होगा।
  3. उन्होंने मीडिया से कहा कि दसॉल्ट एविएशन ने ऑफसेट साझेदार को खुद चुना और सरकार तथा भारतीय वायुसेना की इसमें कोई भूमिका नहीं थी।

दसाल्ट के CEO ने क्या कहा

  1. फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने समाचार एजेंसी ANI को दिए गए इंटरव्यू में इस डील पर उठ रहे हर एक सवाल का जवाब दिया।
  2. एरिक ट्रैपियर ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह बिल्कुल निराधार हैं.
  3. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने दसॉल्ट और रिलायंस के बीच हुए ज्वाइंट वेंचर (JV) के बारे में सरासर झूठ बोला है.
  4. दसॉल्ट ने अपनी सफाई में कहा कि रिलायंस के साथ समझौता भारतीय कानून के तहत ही हुआ था
  5. और यह पूरी तरह से कंपनी (दसॉल्ट) का फैसला था।
  6. कंपनी ने रिलायंस के साथ अपनी मर्ज़ी से समझौता किया है, किसी दबाव में नहीं.
  7. CEO ने ये भी जोड़ा कि 2012 से ही रिलायंस से उनकी बात चल रही थी. इस सौदे में रफ़ाल की क़ीमत कम हुई है.
  8. दसॉल्ट के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने साफ तौर पर कहा कि कानून के हिसाब से ही दसॉल्ट ने रिलायंस के साथ मिलकर नागपुर में प्लांट लगाने का फैसला किया।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

  1. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “हमें ऐसी कोई सामग्री नहीं मिली, जिससे लगे कि कमर्शियल तरीके से किसी खास कंपनी को लाभ दिया गया…
  2. “सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “हम इस बात से संतुष्ट हैं कि प्रक्रिया पर संदेह करने का अवसर नहीं है…
  3. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि विमान हमारी ज़रूरत हैं और उनकी गुणवत्ता पर भी सवाल नहीं है.
  4. हमें 4th और 5th जनरेशन के विमानों की ज़रूरत है जो हमारे पास नहीं हैं.
  5. विमान सौदे की निर्णय प्रक्रिया सही. हमने राष्ट्रीय सुरक्षा और सौदे के नियम कायदे दोनों को जजमेंट लिखते समय ध्यान में रखा है.

सुप्रीम कोर्ट मे याचिका किसने दायर की थी

  1. एमएल शर्मा के बाद आठ अक्टूबर को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और फिर 24 अक्टूबर को अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा के साथ संयुक्त रूप से प्रशांत भूषण ने इसी मसले पर याचिका दाखिल की थी.
  2. अब सभी याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है.